prarthana in hindi: प्रार्थना Prayer से संबंधित अनमोल विचार

 क्या है प्रार्थना? prarthana in hindi  संपूर्ण जानकारी

हमारे इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में कई बार  हमें  कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और कभी-कभी तो हमें समझ में नहीं आता कि आखिर हमारे साथ क्या हो रहा है?  मन में कई प्रकार के ख्याल आते हैं जिससे हम खुद को रोक नहीं पाते हैं और ऐसे में हमारा सहारा और कोई नहीं बल्कि हमारी प्रार्थना ( prarthana ही बनती है, जो हमें एक संबल देती है ताकि हम खुद को आगे बढ़ा सके और किसी भी प्रकार की परेशानी से बच  सके| 

 हम सभी के जीवन में प्रार्थना ( prarthana का बहुत महत्व होता है| कहते हैं जो काम हम से आसानी से नहीं होता हम स्वयं से प्रार्थना ( prarthana की मदद से पूरी कर लेते हैं और हमें ऐसा लगता है कि कोई मजबूत हाथ हमारे कंधों पर रखा हो|  दोनों हाथों को जोड़कर आंखों को बंद करके अगर ईश्वर को याद किया जाए तो इसे ही हम प्रार्थना ( prarthana कहते हैं| 

क्यों की जाती है प्रार्थना prarthana

prarthana in hindi

प्रार्थना करना हम सभी के स्वभाव में बचपन से ही होता है और हम प्रार्थना ( prarthana करके ही परम शक्ति  ईश्वर  की कृपा दृष्टि अपने ऊपर लेते हैं| प्रार्थना ( prayer करने से हम खुद को तरोताजा महसूस करते हैं और एक सकारात्मक उर्जा ( positive energy का प्रवाह हमारे अंदर प्रवाहित होने लगता है|  आपने गौर किया होगा कि जब भी हम प्रार्थना ( prayer करते हैं, तो ऐसा महसूस होता है कि भगवान हमारी बात सुन रहे हैं और अवश्य  पूरी  भी  करेंगे|  परम पिता ईश्वर के ऊपर हमारी आस्था ही प्रार्थना ( prarthana का रूप होती है,  जो हमेशा से ही  हमारे ऊपर आशीर्वाद के रूप में विराजमान होती है और उस आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए ही हम प्रार्थना ( prarthana  करते हैं और सच्चे मन से ईश्वर को याद भी करते हैं|

प्रार्थना prarthana का महत्व 

प्रार्थना ( prarthana का महत्व हमारे जीवन में काफी हद तक देखा जाता है| जब भी हम किसी परेशानी  या  मुसीबत में होते हैं, तो प्रार्थना ( prayer के बलबूते ही हम खुद को सही रास्ते पर ला सकते हैं|  जैसे ही हम अपने इश्वर को याद करते हैं, तो हमारा ध्यान पूर्ण रूप से  संतुलित  हो जाता है और यहीं से हमारे अंदर प्रार्थना ( prarthana का महत्व बढ़ जाता है| 

अगर आप प्रार्थना ( prarthana के महत्व के बारे में जानना चाहते हैं, तो  सबसे पहले की जाने वाली प्रार्थना ( prarthana पर ध्यान केंद्रित करना होगा उसके बाद ही उस प्रार्थना का असर हमारे अंदर दिखाई देता है| यदि किसी कारणवश प्रार्थना ( prarthana में आपका मन नहीं लग रहा है, तो उस समय आप प्रार्थना prayer के महत्व को नहीं समझ पाएंगे क्योंकि परम शक्ति  उस  समय आपके अंदर  अपनी  शक्तियों को निहित नहीं कर पाते हैं| 

प्रार्थना prarthana का  विशेष प्रभाव 

जब भी हम घर में या बाहर मंदिर में प्रार्थना ( prayer करते हैं, तो हमारे अंदर प्रार्थना के लिए एक विशेष प्रभाव देखा जाता है जहां पर अपने आप हमारी आंखें बंद हो जाती हैं और दोनों हाथ एक हो जाते हैं| एक अनजान शक्ति  जिसे  हमने कभी देखा नहीं है लेकिन हमारा भरोसा  उस  शक्ति पर पूर्ण रुप से है| ऐसे में प्रार्थना ( prayer का विशेष प्रभाव देखा जाता है, जब महसूस होता है कि हमारे अंदर  वह शक्ति  समा गई है और  हम  उस शक्ति के वशीभूत हो चले हैं| 

जीवन में  लाख मुसीबत आ जाए लेकिन प्रार्थना ( prayer का विशेष प्रभाव कभी पीछे नहीं हटता बल्कि वह समय-समय पर यह जाहिर करता है कि परमपिता हमारे साथ है| प्रार्थना prayer का प्रभाव है कि मनुष्य को ऐसा लगता है कि किसी भी प्रकार की स्थिति आने पर हमेशा परमपिता परमेश्वर  हमारी  रक्षा करेंगे और सुरक्षित भी रखेंगे|

क्या होना चाहिए प्रार्थना prarthana का तरीका?

प्रार्थना Prayer तो हम सभी करते हैं लेकिन  हमें उसके  सही तरीके के बारे में भी जानकारी होना जरूरी है ताकि हम सही तरह से प्रार्थना कर सकें और उस पर अपना ध्यान भी लगा सके| 

  1. प्रार्थना हमेशा साफ सुथरे  तरीके से करना चाहिए हमेशा नहाकर या  स्वच्छ होकर ही प्रार्थना करना सही माना गया है|
  1.  मन में किसी प्रकार का द्वेष नहीं रखना चाहिए बल्कि मन को संतुलित कर के प्रार्थना करना चाहिए|
  1.  कभी किसी को नीचा नहीं दिखाना चाहिए और  किसी  बात का दबाव नहीं बनाना चाहिए|
  1.  प्रार्थना करते समय हमेशा ध्यान केंद्रित होना चाहिए इधर-उधर  मन को भटकने से बचाना चाहिए|
  1.  हमेशा दूसरों को भी प्रार्थना के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि उन्हें भी प्रार्थना का लाभ मिल सके|
  1.  प्रार्थना करते समय किसी भी तरह का लालच नहीं होना चाहिए|

अपने कर्मों का होता है प्रार्थना prarthana पर असर

अगर हम अपने कर्मों को सही रखते हैं ऐसे में प्रार्थना prayer का असर जल्दी देखा जाता है| कई बार हम जब प्रार्थना करते हैं, तो सोचते हैं कि हमारी सारी प्रार्थनाएं पूरी हो जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं होता क्योंकि  सच्चा कर्म ही प्रार्थना के सारे रास्ते खोलता है|  इसीलिए प्रार्थना करना गलत नहीं है लेकिन हमेशा अपने कर्मों पर ध्यान दें जब तक  आपके कर्म  सही नहीं रहेंगे तब तक  आप भी  प्रार्थना का लाभ नहीं ले पाएंगे|  इसलिए पुराणों में भी कहा गया है कि अपने कर्मों पर ध्यान दें ना कि ऊपरी दिखावे पर|

प्रार्थना Prayer करने के बाद भी क्यों होती है फल मिलने में देरी

ऐसा भी देखा गया है कि प्रार्थना prayer सालों से की जाती है लेकिन उसका फल जल्दी नहीं मिलता और ऐसे में कोई भी इंसान  चिड़चिड़ाहट में प्रार्थना करना ही छोड़ देता है हालांकि  यह सत्य नहीं है| प्रार्थना करने का मतलब यह नहीं होता कि आपके द्वारा की गई कोई भी इच्छा फौरन पूरी हो जाती है|  कई बार प्रार्थना करने के बाद भी हमें हमारे फल की प्राप्ति नहीं होती बल्कि उसे मिलने में काफी समय लग जाता है| ऐसा भी हो सकता है  की  प्रार्थना को सच्चे मन से ना किया गया हो|  जब भी कोई प्रार्थना करते हैं तो उसका फल तभी प्राप्त होता है जब तक उसका सही  समय नहीं आता| ऐसे में  विचलित  ना रहे हैं और हमेशा प्रार्थना में अपना ध्यान लगाएं वह भी सच्चे मन से| 

प्रार्थना Prayer से संबंधित अनमोल विचार

1] ईश्वर जब तक तेरा आशीर्वाद मेरे सर पर है, प्यार  और  रौशनी हमेशा मेरे घर पर है|

2]  मेरा जीवन तेरे बताए रास्ते पर चल रहा है ईश्वर,  कभी भटक जाऊं तो माफ कर देना और मुझे वापस रास्ते पर लाने में मदद करना|

3]  मुझे तुझसे घर, गाड़ी, बंगला इनमें से कुछ नहीं चाहिए बस तेरा आशीर्वाद चाहिए और कुछ भी नहीं|

4]  प्रार्थना करने के लिए व्यक्ति को मंदिर जाना आवश्यक नहीं होता बल्कि ईश्वर का व्यक्ति के मन में  वास  होना आवश्यक माना गया है|

5]  प्रार्थना से भले ही धन प्राप्त ना हो लेकिन प्रार्थना करने वाला व्यक्ति जरूर धन्य हो जाता है|

6]  प्रार्थना जो केवल स्वयं के लिए की जाती है वह कभी सफल नहीं होती परंतु संपूर्ण  परिवार के लिए की गई प्रार्थना हमेशा ईश्वर सुनता है|

7]  प्रार्थना का उद्देश्य मन की शांति है, लोभ शांति नहीं है| 

8]  ईश्वर तेरा ही सहारा है जो मुझे आगे चलने में मदद करता है अगर तेरा सहारा ना हो तो शायद हम खड़े  भी ना रह सके|

9]   दिन में एक बार  पूरे मन से ईश्वर को याद करना ही ईश्वर की सही भक्ति होती है|

10]  प्रार्थना एक प्रकार का चमत्कार होता है, जो आपके लिए काम करता है इसीलिए प्रार्थना करते रहें|

11]  आस्था और प्रार्थना आत्मा  के विटामिन है, मनुष्य उनके बिना स्वास्थ्य नहीं रह सकता|

12]  भगवान मुझे आपकी दया, आशीर्वाद और समर्थन की आवश्यकता है आज मुझे आपसे अभी और मुझे कम से भरे|

13]  प्रार्थना ईश्वर को नहीं बदलती लेकिन प्रार्थना करने वाले व्यक्ति को बदल देती है|

14]   ईश्वर  मेरी प्रार्थना है  कि मैं भीतर से सुंदर बन सकूं|

15]  मुसीबत में जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं, तो  आस्था के साथ हम इश्वर से प्रार्थना करते हैं कि मुसीबत में कोई साथ दे या ना दे लेकिन ईश्वर हमें हमेशा मुसीबत से बाहर निकालेंगे|

16]  परेशानियां  हर व्यक्ति के जीवन का हिस्सा है हमें प्रार्थना करते समय केवल   ईश्वर पर ध्यान लगाना चाहिए|

17]  जितना विश्वास रखता है उससे कहीं गहरा असर एक प्रार्थना कर पाती है|

18]  प्रार्थना वह इंसान कर सकता है  जिसकी  आत्मा अंदर से शुद्ध होती है और सर्वोत्तम प्रार्थना होती है जिसमें कम से कम शब्द  हो|

19] अपने दुर्गुणों का चिंतन और परमात्मा के उपहारों का स्मरण यही सच्ची प्रार्थना है|

20]  हमारी प्रार्थना सभी की भलाई के लिए होनी चाहिए क्योंकि ईश्वर सब जानते हैं कि क्या अच्छा और क्या बुरा? 

बच्चों को भी सिखाए प्रार्थना prayer का महत्व

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बच्चों को  भविष्य की नींव माना जाता है,  ऐसे में बहुत जरूरी है कि उनके अंदर भी  वह सारे संस्कार डाले जाएं,  जिनकी बदौलत में आगे बढ़े और सही दिशा में कदम बढ़ा  सके|  ऐसे में प्रार्थना उन्हें सिखाने से उनके अंदर भी सकारात्मक ऊर्जा आएगी और जिसे वे बड़े होते तक काम में ले पाएंगे|  ऐसा माना जाता है कि हर बच्चे के अंदर भगवान का वास होता है ऐसे में अगर बच्चे सच्चे मन से प्रार्थना करें तो इसका फल उन्हें बहुत जल्दी प्राप्त होगा और धीरे-धीरे वे प्रगति के मार्ग बढ़ते जाएंगे| अगर उन्हें प्रार्थना के बारे में बचपन से ही समझाया जाए तो निश्चित रूप से ही  ईश्वर की भक्ति में खुद को लीन कर पाएंगे और इसका उन्हें अच्छा परिणाम प्राप्त होगा|

अंतिम शब्द 

इस प्रकार से आज हमने जाना की प्रार्थना करना हमारे दिनचर्या का एक हिस्सा है जिसे करने से हमें खुद को ही अच्छा महसूस होता है साथ ही साथ घर का माहौल भी अच्छा बना रहता है|  हमें पूरी कोशिश करनी चाहिए कि ईश्वर की भक्ति में लीन रहकर खुद के अंदर बदलाव किए जाएं ताकि दुर्गुणों को दूर करते हुए आगे बढ़ा जा सके|  जीवन की कठिनाइयों में प्रार्थना का विशेष योगदान माना जाता है ऐसे में प्रार्थना  करना ना छोड़े और ईश्वर पर भरोसा बनाए रखें|

 उम्मीद करते हैं आपको हमारा ये लेख पसंद  आएगा,  इसे अंत तक  पढ़ने के लिए धन्यवाद|

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