कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया? – Computer ka avishkar kisne kiya

 भारत में कंप्यूटर का  कैसे हुआ आविष्कार, जाने संपूर्ण जानकारी

भारत में आधुनिक युग में Computer की क्रांति को औद्योगिक क्रांति के रूप में देखा जाता है। जहां पर बिना कंप्यूटर के कोई भी काम कर पाना बहुत मुश्किल  जान पड़ता है| चाहे आप किसी भी स्कूल ,कॉलेज या ऑफिस में काम करते हो कंप्यूटर का उपयोग आवश्यक रूप से किया जाता है|  कंप्यूटर ऐसी मशीन है, जो आज के समय में बहुत ही उपयोगी और महत्वपूर्ण माना जाता है और ऐसे में बहुत जरूरी हो जाता है कि आपको कंप्यूटर का ज्ञान आवश्यक रूप से प्राप्त हो |   भारत में Computer का आविष्कार  1  देन के रूप में जाना जाता है,  जिसके बारे में हम आपको संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं| 

कैसे काम करता है कंप्यूटर

Computer ka avishkar kisne kiya

Computer पर काम करना जितना आसान है उतना ही ज्यादा दिलचस्प भी। जब भी आप इसे कंप्यूटर में काम करते हैं, तो आपको नई नई बातें पता चलती हैं और जिस वजह से आप इस जमाने के साथ जुड़े रहे पाने में सक्षम होते हैं आपने गौर किया होगा कि जिस किसी को भी कंप्यूटर नहीं आता लोग उसे हमेशा पिछड़े वर्ग में रखते हैं जो कि सही नहीं है लेकिन  बेहतर यही होगा अगर आप भी कंप्यूटर के ज्ञान को प्राप्त करें|

Computer एक महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, जो हमारे दिए गए निर्देशों का सही तरीके से पालन करता है और किसी भी प्रकार की गलती नहीं होने देता है। कंप्यूटर में आप अपने किसी भी डाटा को संभाल कर वर्षों तक रख सकते हैं और जब इसका उपयोग करना हो तब आसानी से ही उपयोग किया जा सकता है|  विभिन्न प्रकार के संस्थानों और स्कूलों में कंप्यूटर का उपयोग इसी वजह से किया जाता है क्योंकि यह किसी भी कार्य को जल्दी कर देता है और हमारे समय की बचत भी करता है। इसके साथ ही साथ ही कंप्यूटर में अपने डेटा  को स्टोर करके प्रोसेस करने की प्रक्रिया की जा सकती  है। अगर आप चाहें तो इसे एडवांस इलेक्ट्रॉनिक मशीन भी कह सकते हैं।

क्या है कंप्यूटर का फुल फॉर्म

हम में से अधिकतर लोग कंप्यूटर का उपयोग करते हैं लेकिन कभी भी कंप्यूटर का फुल फॉर्म जानने की कोशिश नहीं करते, तो आज हम आपको एक नई जानकारी देने जा रहे हैं और उपयोग किए गए कंप्यूटर का फुल फॉर्म बताने जा रहे हैं|

C — Commonly

O —  Operated

M — Machine

P — Perticularly

U — Used for

T — Technical and

E — Educational

R — Research 

कंप्यूटर के प्रकार

अगर आप कंप्यूटर का उपयोग करते हैं, तो एक बात को ध्यान रखना जरूरी है कि आपको अपने  हिसाब से कंप्यूटर का उपयोग करना होगा। हर कंप्यूटर आपको अलग प्रकार की सुविधा देता है ,तो बेहतर यही होगा कि आप कंप्यूटर के बारे में जानकारी   ग्रहण करें|

  1. माइक्रो कंप्यूटर [ Microcomputer]
  2.  मिनी कंप्यूटर [ Mini computer]
  3.  मेनफ्रेम कंप्यूटर [ Main frame ccomputer]
  4.  सुपर कंप्यूटर [ Super computer]

कंप्यूटर की विभिन्न पीढ़ियां

कंप्यूटर के बारे में सही जानकारी होना जरूरी है। कंप्यूटर को मुख्य   में विभाजित किया गया है जिसके माध्यम से इनके  बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है|

  1. पहली पीढ़ी  वेक्यूम ट्यूब [1942- 1955]
  2.  दूसरी पीढ़ी  ट्रांजिस्टर [ 1956 — 1965]
  3. तीसरी पीढ़ी एक कृत  सर्किट [ 1966 — 1975]
  4.  चौथी पीढ़ी माइक्रोप्रोसेसर [ 1976  से अब तक]
  5.  पांचवी पीढ़ी  कृत्रिम बुद्धि [ 1982  से वर्तमान तक]

कैसे हुआ विभिन्न कंप्यूटर का आविष्कार

सबसे पहले Computer का आविष्कार 19वीं सदी में CHARLES BABBA GE ने किया था। यह एक मैथमेटिक्स के प्रोफेसर थे और इस वजह से उनकी ज्यादातर दिलचस्पी कंप्यूटर में रही उन्हें ‘’ Father of computer’’  भी कहा जाता है|  शुरुआती समय में इन्होंने कंप्यूटर बनाने के तरीकों में कई तरह के बदलाव किए और इस प्रकार से अपने कार्य को आगे बढ़ाया जिससे लोगों तक आसानी से पहुंचा जा सके|  इन्होंने जो कंप्यूटर बनाया वह कई सारे सेट के नंबर को एक साथ रखकर कंप्यूट कर पाता था। यह एक प्रकार का अलग प्रोडक्ट था जिसे मार्केट में लाना इतना आसान नहीं था|  लगातार चलने वाले इस प्रयोग से कई प्रकार की हानि हुई और इस मशीन को बनने में काफी समय लग गया । बाद में 1991  मैं HENRY BABBAGE  ने अपने पिता के कार्यभार को आगे बढ़ाया  और इसे सही तरह से मार्केट में लेकर आए ।

इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर [ Electronic computer] की खोज

  उस दौर  में कई सारे वैज्ञानिक ऐसे ही आए जिन्होंने अपनी अपनी कार्य  कुशलता को कंप्यूटर बनाने में लगा दी|  उनमें से एक वैज्ञानिक JOHN VINCENT ATAN ASOFF ने भी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर बनाया,  जिसका पूरा खर्च यूएस मिलिट्री ने उठाया था|  यह कंप्यूटर काफी हद तक कामयाब रहा और एक समय तक इसकी अत्यधिक रूप से मांग बनी रही| 

प्रोग्रामेबल कंप्यूटर [ Programmble computer] की खोज

यह एक ऐसा कंप्यूटर के रूप में सामने आया जिसमें कई प्रकार के प्रोग्राम को अच्छे से चलाया जा सकता था।  इसकी खोज  1938 में जर्मन सिविल इंजीनियर KONRAD ZUSE ने सबसे पहले प्रोग्रामेबल कंप्यूटर को बनाकर किया।  जिस Z1  के नाम से भी जाना जाता था |एक ऐसे प्रकार का कंप्यूटर था, जो बहुत सारे Programme  को एक साथ  चला  पाता था इसे भी काफी हद तक सफल माना गया, जिसका अच्छा परिणाम भी देखने को मिला|

कमर्शियल कंप्यूटर [ Commercial computer]की खोज

इन सबके बाद में एक ऐसा कमर्शियल कंप्यूटर बनाया गया जो सभी नंबर और अल्फाबेट को एक साथ  कर पाने में सक्षम हो।  इसके लिए जी तोड़ मेहनत की गई और परिणाम सामने आया | 1951  से पहले एक कमर्शियल कंप्यूटर का अविष्कार हुआ , फिर से UNIVACI [ Universal automatic computer ]कहां गया।  इससे J. PRESPER, ECKERT, JOHN MAUCHLY  द्वारा अच्छे से डिजाइन किया गया । इसमें इनपुट और स्टोरेज के लिए एक विशेष मैग्नेटिक फील्ड का इस्तेमाल किया जाता रहा जिसके माध्यम से इस विधि से कार्य करना कहीं ज्यादा आसान हो गया|

पर्सनल कंप्यूटर [Personal computer] की खोज

 एक ऐसे कंप्यूटर के रूप में सामने आया जिसे कोई भी व्यक्ति विशेष अपने पास आसानी से ही रख सकता हो और अपने काम को आसान बना सकता हो । इसे साधारण बोलचाल की भाषा में पीसी PC भी कहा जाता है| इसकी खोज सर्वप्रथम 1975 में ED , ROBERT  द्वारा की गई जो आज के समय में सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है जो हर क्षेत्र में काम का साबित हो रहा है|

भारत में कैसे हुई कंप्यूटर की शुरुआत

आज के समय में सर्वाधिक कार्य कंप्यूटर के माध्यम से किया जाता है और जहां तक भारत देश की बात की जाए तो यहां भी हर क्षेत्र कंप्यूटर के बिना अधूरा है। भारत में कंप्यूटर की शुरुआत सन 1952 में कोलकाता से हुई थी सबसे पहले कंप्यूटर में एनालॉग कंप्यूटर की स्थापना हुई, जो भारत का सबसे पहला कंप्यूटर बना| उस समय जो  भारत के कंप्यूटर थे उनका आकार बहुत छोटा था और इन्हें आसानी से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था। लेकिन इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर भारत में लॉन्च किया गया|  एक इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर बनाना भारत के लिए उपलब्धि से कम नहीं था और इसके बाद से ही भारत में कंप्यूटर युग की शुरुआत हो गई| 

 जब भारत में Computer की शुरुआत हुई तो उसके बाद से ही भारत जापान के साथ-साथ दूसरे देशों के साथ ही कंप्यूटर की तकनीक को साझा करने लगा और यह एक बहुत बड़ा योगदान बनकर सामने आया|  अगर भारत की बात की जाए तो कंप्यूटर के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण समय 90 के दशक में आया जब भारत का पहला सुपर कंप्यूटर ‘’ परम 8000’’ का विकास किया गया|  इसका विकास पुणे में स्थित कंप्यूटर के केंद्र में किया गया। आज सुपर कंप्यूटर का उपयोग कई क्षेत्रों में किया जाता है इनमें से बायोइनफॉर्मेटिक, मौसम विज्ञान और रसायन क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण योगदान माना गया| 

कंप्यूटर के आने से भारत में होने वाला बदलाव

जब Computer दूसरे देशों में बना तब,  भारत  के लोगों में ज्यादा जागरूकता देखने को नहीं मिली और वे इसकी जानकारी भी सही तरीके से नहीं ले पाए। भारत में कंप्यूटर की उत्पत्ति हुई तो धीरे-धीरे यहां के लोगों में यह भावना आने लगी कि क्यों ना भारत के लोग भी इसके विषय में सारी जानकारी प्राप्त करें/ ?  जैसे ही भारत में कंप्यूटर आया तो यहां के लोगों के जीवन में भी बदलाव आना शुरू हो गया|  प्रारंभ में तो यह कंप्यूटर आसान नहीं  था लेकिन धीरे-धीरे कंप्यूटर को लोग चलाना  सीखने  लगे और इसके लिए कई तरह के डिग्री के कोर्स करने लगे।

 अगर आज के समय की बात की जाए तो Computer हर घर में मौजूद है  चाहे  बच्चे  हो, बड़े हो या बुजुर्ग हो काफी हद तक लोग अपना काम कंप्यूटर के माध्यम से ही घर बैठे आसानी से कर लेते हैं।  अगर आप चाहे तो घर बैठे ही  कंप्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन शॉपिंग, टिकट बुकिंग कर सकते हैं| या फिर आराम से घर बैठे ही भगवान के ऑनलाइन  दर्शन कर सकते हैं|  घरों में समान रूप से कंप्यूटर के रूप में लैपटॉप या  मिनी कंप्यूटर का भी उपयोग किया जाता है, जो आंखों के लिए ज्यादा हानि प्रद भी नहीं होते और इनसे आपका काम भी काफी हद तक आसान हो जाता है| 

क्या होते हैं कंप्यूटर के मुख्य भाग

अगर आप कंप्यूटर के बारे में जानना चाहते हैं इसके लिए आपको इनके सारे मुख्य भागों की जानकारी होना जरूरी है तभी आप आगे के कार्य आसानी से  कर पाएंगे। जिनके बिना कंप्यूटर  अपना काम सही तरीके से नहीं कर पाता है|

  1. Memory —  यह कंप्यूटर की प्राइमरी मेमोरी के रूप में देखा जाता है, जो मुख्य रूप से cpu  और storage    के डाटा को ट्रांसफर करने का काम करती है।  इसीलिए किसी कंप्यूटर की मेमोरी को  सही और ज्यादा होना जरूरी है|
  2. Processor — कंप्यूटर में प्रोसेसर का कार्य बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के निर्देशों का सही तरीके से पालन करता है|  इसे CPU  भी कहा जाता है कंप्यूटर का ब्रेन भी कहलाता है 
  3. Storage device — यह कंप्यूटर का मुख्य भाग होता है, जो किसी भी डाटा को अपने अंदर स्टोर करता है और उसका उपयोग बाद में भी आसानी से किया जा सकता है।
  4. Input device — यह किसी भी यूजर को कंप्यूटर में किसी भी प्रकार की सामग्री को इनपुट  करने में मदद करता है जिससे काम आसान हो जाता है इसके अंतर्गत कीबोर्ड आता है|
  5. Motherboard — इसका काम कंप्यूटर के सारे हिस्सों को  एक दूसरे से जोड़ कर रखना है|
  6. Outout device — यह उपयोगकर्ता को आउटपुट की चीजें दिखाने का काम करता है इसके अंतर्गत मॉनिटर ,सीपीयू, माउस आते हैं| 

अंतिम शब्द

इस प्रकार से हमने जाना कि कंप्यूटर हमारे लिए आज के समय में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण साधन है जो हमारे घर बैठे ही सारे कामों को आसान कर पाने में हमारी मदद करते हैं|  आपने गौर किया होगा कि जब देश में महामारी का दौर आया हुआ है, उस समय भी कंप्यूटर  है जो घर बैठे  ही लोगों के काम को आसान कर रहे हैं|  जब से कंप्यूटर का आविष्कार हुआ है, तब से लेकर आज तक कंप्यूटर का विकास होता चला रहा है जो मानव जाति के लिए वरदान की तरह साबित हो रहा है।

 हमने इस लेख में कंप्यूटर के बारे में सारी जानकारी देने की कोशिश की है इससे आपको कंप्यूटर के प्राचीन समय का इतिहास आसानी से समझ में आ जाएगा|  उम्मीद करते हैं आपको हमारा लेख पसंद आएगा और  आपके अंदर की जिज्ञासा कंप्यूटर को लेकर खत्म हो गई होगी| 

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